सीधी: आदिवासी विकास विभाग के छात्रावासों में प्रशासनिक अनदेखी और अधीक्षकों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। औचक निरीक्षण की कमी के कारण छात्रावासों का संचालन मनमाने ढंग से किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला तहसील चुरहट अंतर्गत अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास भटहा से सामने आया है, जहां अधीक्षिका के स्थान पर उनके शिक्षक पति छात्रावास की देखरेख कर रहे हैं।
शिकायत में गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता प्रेमचंद्र सिंह, निवासी ग्राम डढ़िया, ने कलेक्टर को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास भटहा की अधीक्षिका श्रीमती ज्योति सिंह, जो कि शिक्षिका वर्ग-3 के पद पर पदस्थ हैं, नियमित रूप से छात्रावास में उपस्थित नहीं रहतीं। वे अपने परिवार के साथ जिला मुख्यालय में स्थित मकान में रहती हैं और केवल कुछ समय के लिए छात्रावास आती-जाती हैं। उनकी अनुपस्थिति में उनके पति प्रदीप कुमार सिंह, जो कि शहीद सुधाकर सिंह हायर सेकेंड्री स्कूल डढ़िया में शिक्षक वर्ग-2 के पद पर पदस्थ हैं, छात्रावास का संचालन कर रहे हैं।
छात्रावास की सुविधाओं में गड़बड़ी
शिकायत के अनुसार, छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को दी जाने वाली सुविधाओं में भारी कटौती की जा रही है। आरोप है कि छात्रावास में आने वाली सामग्रियों को अधीक्षिका और उनके पति अपने घर ले जाते हैं।

- छात्रावास की मच्छरदानी, गैस सिलेंडर, कपड़े और दरी अधीक्षिका के घर भेज दिए गए हैं।
- भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे छात्राओं को परेशानी हो रही है।
- पूर्व में हुई जांच के दौरान अधीक्षिका को सूचना मिलते ही वह तत्काल सीधी से छात्रावास पहुंची थीं।
कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार करने और गायब सामग्रियों की जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है और छात्राओं की सुविधा बहाल करने के लिए क्या कार्रवाई करता है।
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