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गुरुग्राम में अवैध मकानों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुरू: 6,000 मकानों पर कार्रवाई

हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के डीएलएफ क्षेत्र में सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है, जिसके तहत करीब 6,000 अवैध मकानों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुक्रवार से शुरू किया जाएगा। गुरुग्राम नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने डीएलएफ फेज-1 से फेज-5 तक करीब ढाई हजार अवैध मकानों की पहचान की है, जिनके खिलाफ यह अभियान चलाया जाएगा। इन मकानों में अवैध निर्माण के कारण कब्जा प्रमाणपत्र और नक्शे का उल्लंघन किया गया है।

सीलिंग अभियान का विवरण

  • डीटीपीई (जिला टाउन प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) अमित मधोलिया ने बताया कि यह अभियान शुक्रवार से डीएलएफ के सभी फेज में एक साथ शुरू किया जाएगा।
  • अभियान के दौरान हर टीम के साथ पुलिस बल तैनात रहेगा।
  • अगर मकान मालिक सील तोड़ते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और मकान को फिर से सील कर दिया जाएगा।
  • अभियान की योजना के तहत लगातार 11 दिनों तक सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
  • सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, और किसी भी प्रकार की रुकावट डालने की कोशिश करने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्यों हो रही है कार्रवाई? इन अवैध मकानों के खिलाफ कार्रवाई की वजह है इनका निर्माण अवैध तरीके से किया जाना और इन मकानों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन होना। इनमें परचून की दुकानें, कपड़े की दुकानें, ब्यूटी पार्लर, मोबाइल शॉप्स, रेस्तरां, पीजी और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जो आसपास के निवासियों के लिए असुविधा का कारण बन रही हैं।

साल 2011 में, डीएलएफ सिटी वेलफेयर एसोसिएशन ने इस मुद्दे को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि डीएलएफ फेज-3 में 60-60 वर्ग गज के मकानों में नक्शे का उल्लंघन करके 7 से 8 मंजिला भवन बना दिए गए हैं। इन भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया था, और सरकार ने इस बारे में नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। फरवरी 2025 में, हाईकोर्ट ने कार्रवाई की रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश जारी किए थे, और 19 अप्रैल 2025 को इस मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी।

आगे की कार्रवाई:

  • हरियाणा सरकार ने करीब 6,000 मकानों की जांच की, जिनमें से 4,000 मकानों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
  • इसके अलावा, ढाई हजार मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिसमें उनके कब्जा प्रमाणपत्र रद्द किए जाएंगे और जल्द ही उनके बिजली, पानी और सीवर कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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  • यह सीलिंग अभियान अवैध निर्माणों को रोकने और भविष्य में इस तरह के निर्माण को रोकने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। यह कदम इलाके में अव्यवस्थित निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए है, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके।

डीएलएफ क्षेत्र में चलाए जा रहे इस अभियान से यह स्पष्ट हो रहा है कि हरियाणा सरकार अवैध निर्माण और नियमन की अनदेखी को लेकर कड़ी कार्रवाई करने के लिए तत्पर है।

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