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लाठीचार्ज में युवक की मौत के खिलाफ बवाल, 5 गाड़ियां फूंकीं, एक गिरफ्तार

बोकारो, झारखंड – बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर आंदोलित विस्थापित युवाओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद बोकारो शहर में हिंसक घटनाओं का सिलसिला जारी है। आंदोलन के दौरान एक युवक की मौत और कई अन्य के घायल होने की घटना ने शहर में बवाल मचा दिया है। इस बीच, आंदोलनकारियों ने तेनुघाट डेम की नहर काट दी, जिससे शहर में जलापूर्ति प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

बोकारो शहर की जलापूर्ति मुख्यत: तेनुघाट डेम की नहर से होती है। लेकिन आंदोलनकारियों ने इस नहर को काट दिया, जिससे पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है। शहर के निवासियों को अब जल संकट का सामना करना पड़ सकता है, जबकि प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन ने इस समस्या को जल्द हल करने का आश्वासन दिया है।

लाठीचार्ज में एक युवक की मौत, कई घायल

गुरुवार शाम को विस्थापित युवा इस्पात भवन के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे, जब उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इस पर सीआईएसएफ के जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में चार युवक घायल हो गए, जिनमें से एक, प्रेम महतो (32), की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मृतक प्रेम महतो बोकारो के हरला थाना क्षेत्र के शिबूटांड़ गांव का निवासी था।

इस घटना ने शहर में तूल पकड़ लिया और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को बोकारो बंद का आह्वान किया, जिसके तहत कई बसों और वाहनों में आग लगा दी गई और कई जगहों पर तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों ने दुंदीबाग हाट में एक दुकान में भी आग लगा दी, हालांकि प्रशासन ने जल्दी ही स्थिति पर काबू पा लिया।

इस बीच, जिला प्रशासन और बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) प्रबंधन ने विस्थापित अप्रेंटिस संघ की सभी प्रमुख मांगों को मान लिया है। बीएसएल प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि प्लांट में ट्रेनिंग पूरी कर चुके सभी विस्थापित युवाओं को 21 दिनों में पद सृजित कर तीन महीने के भीतर नियुक्ति दी जाएगी। इसके अलावा, मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की भी घोषणा की गई है। घायल युवाओं का मुफ्त इलाज बोकारो जेनरल अस्पताल में होगा और प्रत्येक को 10,000 रुपये का मुआवजा मिलेगा।

प्रशासन ने जांच समिति गठित की

बोकारो की उपायुक्त विजया जाधव ने इस हिंसक टकराव की जांच के लिए एक समिति गठित की है। समिति बीएसएल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आगामी बैठकें विस्थापितों और प्रशासन के बीच होंगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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विस्थापित युवाओं के आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त हो गया है। झारखंड की प्रमुख राजनीतिक पार्टियाँ जैसे आजसू पार्टी, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा और कांग्रेस ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह और डुमरी के विधायक जयराम महतो भी प्रदर्शनकारियों के साथ सड़कों पर उतरे और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

बोकारो में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयासरत है। आगामी दिनों में इस मामले पर और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।

बोकारो के इस घटनाक्रम ने ना केवल क्षेत्रीय बल्कि राज्य सरकार के लिए भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका उत्तर भविष्य में मिलने की संभावना है।

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