सिंगरौली। एमपीईबी (मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी) के शहरी क्षेत्र बैढ़न और मोरवा में बिजली बिल बकाया वसूली का मामला तेजी से सुर्खियों में है। जिले में कुल 54,500 उपभोक्ता पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से अब तक केवल 16,000 उपभोक्ताओं ने ही बिजली बिल का भुगतान किया है।
एमपीईबी ने 1 अगस्त से 12 अगस्त तक बिना अतिभार के बिल जमा करने की विशेष छूट दी थी। इस अवधि में रविवार तक लगभग 2 करोड़ 25 लाख रुपये का बिजली बिल जमा हुआ है। हालांकि, अब भी करीब 38,000 उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपये की वसूली बाकी है।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि 12 अगस्त के बाद बकाया बिल पर अतिभार जोड़ा जाएगा और 13 अगस्त से बकायेदारों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एमपीईबी शहर बैढ़न के कार्यपालन अभियंता हेमंत चौधरी ने बताया—
“कुल 55 हजार से अधिक उपभोक्ताओं में से 16 हजार ने बिल जमा कर दिया है। समय सीमा खत्म होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उपभोक्ताओं का आरोप: सुरक्षा निधि के नाम पर अनुचित वसूली
इस मामले में उपभोक्ताओं का विरोध भी सामने आया है। बैढ़न निवासी नवीन मिश्रा ने एमपीईबी पर सुरक्षा निधि के नाम पर अनुचित वसूली का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार सुरक्षा राशि केवल नए कनेक्शन लेने वाले या देर से बिल जमा करने वालों से ली जानी चाहिए, लेकिन कंपनी पुराने और समय पर बिल भरने वाले उपभोक्ताओं से भी यह राशि वसूल रही है।
मिश्रा ने आरोप लगाया—
“एमपीईबी इस बहाने अपना खजाना भर रहा है। पुराने उपभोक्ताओं को भी सुरक्षा निधि के नाम पर पैसा देना पड़ रहा है, जो गलत है।”
शहर में बढ़ा विरोध

एमपीईबी की इस नीति के खिलाफ शहर के कई उपभोक्ता नाराज़ हैं। उनका कहना है कि कंपनी बकायेदारों के नाम पर अतिरिक्त बोझ डालकर आम उपभोक्ताओं से वसूली कर रही है। कुछ उपभोक्ताओं ने तो चेतावनी दी है कि अगर यह वसूली जारी रही तो वे सामूहिक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कंपनी का पक्ष
एमपीईबी अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा निधि की वसूली नियमों के तहत ही की जा रही है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। वहीं, उन्होंने उपभोक्ताओं से समय पर बिल भरने की अपील भी की है, ताकि अतिभार और कनेक्शन कटने की स्थिति से बचा जा सके।
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अब नजरें 12 अगस्त की समय सीमा पर टिकी हैं। यदि बकायेदार उपभोक्ताओं ने तब तक बिल नहीं भरा, तो 13 अगस्त से शहर में बड़े पैमाने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू होगी। यह सिंगरौली में बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता असंतोष, दोनों को लेकर आने वाले दिनों में विवाद को और बढ़ा सकती है।