बिरसा मुंडा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम से लौटते समय सीधी लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा को अचानक एक आपातकालीन फोन कॉल मिला। कॉल पर मौजूद फरियादी ने काँपती आवाज़ में बताया कि उसके नाती की हालत नाजुक है—बच्चे के गले में ₹5 का सिक्का फँस गया है, जिससे वह सांस भी ठीक से नहीं ले पा रहा।
डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक, समय पर सर्जरी न होने पर बच्चे को तत्काल जबलपुर रेफर करना पड़ सकता था। स्थिति की गंभीरता समझते ही सांसद जी ने बिना देर किए कार्यक्रम से निकलकर सीधे मिशन नर्सिंग होम पहुँचने का निर्णय लिया।
अस्पताल पहुँचते ही उन्होंने बच्चे को तुरंत ऑपरेशन थिएटर में ले जाने के निर्देश दिए। डॉ. मिश्रा, जो स्वयं पेशे से डॉक्टर रह चुके हैं, ने अपनी पुरानी चिकित्सा विशेषज्ञता का परिचय देते हुए केवल 10 मिनट में बच्चे के गले से सिक्का निकालकर उसे सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया।
विशेष बात यह रही कि सांसद ने पूरा उपचार निःशुल्क करवाया और बच्चे के स्वस्थ होने की कामना करते हुए उसके परिवार को कुछ आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया, ताकि वे बच्चे के लिए फल-फूल आदि की व्यवस्था कर सकें।
बच्चे के नाना शंकर प्रसाद साकेत, ग्राम पड़रिया कला, कमर्जी पटपरा, जिला सीधी के है उन्होंने सांसद जी के इस संवेदनशील कदम के लिए आभार व्यक्त किया।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के भीतर अभी भी वह मानवता से भरा डॉक्टर जीवित है, जिसका उद्देश्य किसी भी संकटग्रस्त व्यक्ति की मदद करना है।