Homeप्रदेशMP Board Paper Leak: प्री-बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक ने उठाए सवाल

MP Board Paper Leak: प्री-बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्री-बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र लीक होने की घटना ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी पेपर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, और यूट्यूब पर वायरल हो गए।

घटना का विवरण

  • 21 जनवरी को 12वीं का बायोलॉजी का पेपर परीक्षा से 2 घंटे पहले लीक हो गया।
  • 22 जनवरी को गणित का पेपर परीक्षा से 21 घंटे पहले सोशल मीडिया पर पहुंच गया।
  • 20 जनवरी को अंग्रेजी का पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले वायरल हुआ।
  • लीक पेपरों को विभिन्न फर्जी अकाउंट्स जैसे Munna Bhai YT, MP Board Official, और SDL Classes के जरिए शेयर किया गया।

प्रक्रिया में संभावित खामियां

  • जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा के अनुसार, प्री-बोर्ड के पेपर स्कूल स्तर पर तैयार होते हैं और सीमित दायरे में वितरित किए जाते हैं।
  • पेपर विमर्श पोर्टल के जरिए प्राचार्यों के लॉगिन आईडी पर भेजे जाते हैं, जिसके बाद उनकी प्रिंट और फोटोकॉपी की जाती है।
  • फोटोकॉपी सेंटर पर पेपर लीक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

शिक्षा अधिकारियों का रुख

  • अधिकारियों ने प्री-बोर्ड परीक्षा को केवल अभ्यास का साधन बताया।
  • छात्रों को सलाह दी गई कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी पढ़ाई पर फोकस करें।
  • प्री-बोर्ड परीक्षा में पास-फेल का औपचारिक प्रावधान नहीं होता, इसलिए लीक पेपर भी छात्रों की मदद ही करेगा।

वायरल पेपर का प्रभाव

  • कई छात्रों ने माना कि उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र मिल गए थे।
  • सोशल मीडिया पर न केवल प्रश्न-पत्र बल्कि उनके समाधान भी उपलब्ध थे।
mp board

उठते सवाल और आवश्यक कदम

  • परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा: पेपर लीक की घटनाएं स्कूल स्तर पर गोपनीयता बनाए रखने में खामियों की ओर इशारा करती हैं।
  • सोशल मीडिया पर नियंत्रण: फर्जी अकाउंट्स और वायरल सामग्री को रोकने के लिए निगरानी जरूरी है।
  • दंडात्मक कार्रवाई: लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
  • छात्रों की मानसिकता: लीक पेपर पर निर्भरता छात्रों की ईमानदारी और मेहनत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

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प्री-बोर्ड परीक्षाओं का उद्देश्य छात्रों को बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार करना है। लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं। प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।

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