नई दिल्ली। लोकसभा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुत ‘विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी विधेयक, 2025’ पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर सीधी लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय डॉ. राजेश मिश्रा जी ने विधेयक के समर्थन में एक सशक्त और तथ्यपरक वक्तव्य रखा, जिसे सदन में सराहा गया।
डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक ग्रामीण भारत के लिए रोज़गार सृजन, आजीविका सुरक्षा और कौशल उन्नयन का मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि मिशन के माध्यम से ग्राम स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप काम, उद्यमिता को बढ़ावा और टिकाऊ आय के अवसर सृजित होंगे, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रस्तावित प्रावधान ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, लघु कृषकों और श्रमिकों के लिए सम्मानजनक रोज़गार सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।
सांसद ने कहा कि यह विधेयक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को ज़मीनी स्तर पर उतारने का रोडमैप प्रस्तुत करता है। डिजिटल निगरानी, पारदर्शी लाभ वितरण और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी जैसे प्रावधानों से कार्यकुशलता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही, कौशल प्रशिक्षण और बाज़ार से जोड़ने की रणनीति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
अपने वक्तव्य के अंत में डॉ. राजेश मिश्रा ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी और ग्रामीण विकास मंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मिशन ग्रामीण भारत के सामाजिक–आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा और समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करेगा।
सदन में हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि वीबी–जी राम जी विधेयक, 2025 ग्रामीण रोज़गार और आजीविका के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है।