इंदौर में खेले गए भारत–न्यूजीलैंड वनडे मुकाबले में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा की गई स्पॉन्सरशिप को लेकर अब स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि इस मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इससे बड़ा मुद्दा यह बन गया है कि एनसीएल की CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) राशि का उपयोग आखिर किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि सिंगरौली जिला आज भी विस्थापन, प्रदूषण, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, शिक्षा, पेयजल और रोजगार जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।
बावजूद इसके, इन जमीनी समस्याओं के समाधान के बजाय एनसीएल द्वारा बड़े शहरों में आयोजित क्रिकेट मैचों की स्पॉन्सरशिप पर CSR राशि खर्च की जा रही है।

लोगों का कहना है कि CSR फंड का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों के विकास, पुनर्वास और सामाजिक कल्याण के लिए होता है, न कि प्रचारात्मक गतिविधियों के लिए।
यदि यही राशि सिंगरौली के अस्पतालों, स्कूलों, पर्यावरण संरक्षण और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर खर्च की जाती, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय जनता को मिल सकता था।
इस पूरे मामले को लेकर अब एनसीएल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पारदर्शिता की मांग की जा रही है।