Homeप्रदेशसीधी:- उड़ान की डोर थामे महिलाएं,पतंगों से सशक्तिकरण की नई कहानी

सीधी:- उड़ान की डोर थामे महिलाएं,पतंगों से सशक्तिकरण की नई कहानी

मकर संक्रांति के अवसर पर इस वर्ष महिलाओं ने परंपरागत पतंगबाजी को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता का माध्यम बनाकर एक नई मिसाल कायम की।

यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर आत्मनिर्भरता, समान अधिकार और सकारात्मक बदलाव का संदेश देता नजर आया।महिलाओं ने अपनी पतंगों पर “कोई सपना अधूरा नहीं”, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, महिला सशक्तिकरण, घरेलू हिंसा के विरुद्ध आवाज, नशा मुक्ति जैसे प्रेरणादायक संदेश लिखे।

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जब ये पतंगें आसमान में लहराईं, तो हर डोर के साथ समाज को जागरूक करने वाला संदेश भी उड़ता नजर आया।इस अवसर पर महिलाओं ने तिल-गुड़ के स्वास्थ्यवर्धक गुणों की जानकारी भी दी। तिल में कैल्शियम, आयरन और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं, जबकि गुड़ शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

कार्यक्रम में डॉ. बीना मिश्रा एवं डॉ. सुनीता तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही शर्मिला सिंह, नीलम अंसारी, शीला सिंह, नम्रता सिंह, भारती सिंह, सपना सिंह, नीतू गुप्ता, सुनीता सिंह, तारा तिवारी एवं सोनम सिंह सहित लायनेस क्लब कामाख्या सीधी की अन्य सदस्याएं शामिल रहीं।

यह आयोजन महिलाओं की एकजुटता, आत्मविश्वास और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में सराहा गया।

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