Home Blog Page 4

सरई थाना क्षेत्र से जुड़ा मामला हाईकोर्ट पहुंचा, थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप


सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है, जिसमें पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इस प्रकरण में फोटो में दिखाई दे रही महिला अधिकारी का नाम अंकिता मिश्रा बताया जा रहा है, जो उस समय रीवा जिले के सगरा थाने में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थीं।

आरोप है कि एक जमीनी विवाद को लेकर न्याय की मांग करने थाने पहुंचे एक परिवार को थाने में बैठाकर उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस दौरान उनसे जबरन मोबाइल फोन छीन लिया गया और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत को बंद करवाने का दबाव बनाया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि थाना परिसर में उनके साथ अभद्रता की गई।

मामला जब न्यायिक प्रक्रिया के तहत जबलपुर हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने संबंधित थाने के सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

इतना ही नहीं, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी और डीजीपी स्तर के अधिकारियों को भी तलब किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि प्रकरण को उच्च स्तर पर संज्ञान में लिया गया है।

इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।

हरिया नदी पर श्रमदान से बोरी बंधान, ग्रामवासियों को मिला सुरक्षित आवागमन का मार्ग

सिंगरौली। विकासखंड देवसर के सेक्टर सरई अंतर्गत ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ओबरी द्वारा अकला टोला के पास हरिया नदी में श्रमदान के माध्यम से 60 बोरियों का बोरी बंधान किया गया। इस सराहनीय पहल से विद्यालय जाने वाले छात्र–छात्राओं सहित ग्रामवासियों को नदी पार करने में अब सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।

श्रमदान कार्य में प्रभुदयाल दाहिया, विकासखंड समन्वयक, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद देवसर, परामर्शदाता सियाराम जायसवाल, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ओबरी के अध्यक्ष महाराज सिंह, सचिव सुखदेव सिंह, प्रस्फुटन समिति गन्नई के अध्यक्ष आशीष कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए। सभी ने सामूहिक श्रमदान कर जनहित में यह महत्वपूर्ण कार्य संपन्न कराया।

कार्यक्रम के पश्चात सचिव सुखदेव सिंह के निवास पर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जल संचय अभियान कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में अभियान की उपयोगिता, उद्देश्य और दीर्घकालीन लाभों की जानकारी दी गई तथा जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया गया।

सभी उपस्थित जनों से आग्रह किया गया कि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार अधिक से अधिक स्थानों पर श्रमदान कर बोरी बंधान कार्य जल संचय अभियान के अंतर्गत किए जाएँ, ताकि वर्षा जल का संरक्षण हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने में सहायता मिले।

यह पहल ग्रामीण सहभागिता और सामूहिक प्रयासों से विकास एवं जल संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।

सीधी में पासपोर्ट सेवा केंद्र एवं मोबाइल टॉवर व्यवस्था को लेकर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने संचार मंत्री से की भेंट

नई दिल्ली। माननीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा जी ने संसद भवन में केंद्रीय संचार मंत्री माननीय श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया जी से शिष्टाचार भेंट कर सीधी संसदीय क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण जनहित के विषयों पर सकारात्मक चर्चा की। इस दौरान सीधी में पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए शीघ्र भवन हस्तांतरित किए जाने तथा संसदीय क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मोबाइल टॉवर स्थापित कर नेटवर्क व्यवस्था सुदृढ़ करने का विषय प्रमुख रूप से रखा गया।

सांसद डॉ. मिश्रा ने कहा कि पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के लिए दूर के शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापित होने से संचार सुविधा मजबूत होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आपात सेवाओं में सुधार आएगा।

केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया जी ने सांसद द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और शीघ्र आवश्यक कार्यवाही का सकारात्मक आश्वासन दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आदरणीय श्री दुर्गादास उईके जी, माननीय सांसदगण श्री वीडी शर्मा जी, श्री अनिल फिरोजिया जी, श्री आशीष दुबे जी, श्री आलोक शर्मा जी, श्री राहुल सिंह लोधी जी तथा श्रीमती भारती पारधी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

यह बैठक सीधी संसदीय क्षेत्र में संचार सुविधाओं के विस्तार और नागरिक सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मऊगंज कलेक्टर के निज सहायक पर रिश्वत का आरोप,कड़कड़ाती ठंड में प्रशासन के खिलाफ सुलगता आक्रोश

मऊगंज। नवगठित मऊगंज जिले में भ्रष्टाचार के आरोपों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ निज सहायक (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) पंकज श्रीवास्तव पर कथित रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर सामाजिक संगठनों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद बीते तीन दिनों से खुले आसमान के नीचे अनवरत धरना-प्रदर्शन जारी है, जिससे आज हालात और तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक छात्रावास की अधीक्षिका से 1 लाख 12 हजार रुपये की रिश्वत ली गई। आरोपों के समर्थन में कथित ऑडियो-वीडियो के वायरल होने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक केवल जांच का आश्वासन दिए जाने से जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी निज सहायक को तत्काल पद से हटाया जाए, लेकिन प्रशासन इस मांग पर अब तक सहमत नहीं दिख रहा।

धरने में देश बचाओ आध्यात्मिक राष्ट्रीय पुनर्जागरण अभियान से जुड़े मुद्रिका प्रसाद विश्वमित्र सहित कई सामाजिक संगठन सक्रिय हैं। उनका आरोप है कि कलेक्टर संजय जैन द्वारा ऐसे कर्मचारियों को संरक्षण दिया जाना संदेह पैदा करता है। धरनास्थल पर “हम जेल से नहीं डरते” और “भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा” जैसे नारे गूंजते रहे।

15 दिसंबर को स्थिति तब और बिगड़ गई जब धरनास्थल पर पहुंचे टेंट लोड वाहन को जप्त कर लिया गया। एसडीएम राजेश मेहता द्वारा अनुमति के बिना धरना देने का हवाला देकर गिरफ्तारी की चेतावनी से प्रदर्शनकारियों में आक्रोश फैल गया, हालांकि वे डटे रहे और अधिकारी मौके से लौट गए।

फिलहाल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

घर की दहलीज पर मौत का फन—खेलते-खेलते 6 वर्षीय मासूम की सर्पदंश से दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

मऊगंज। जिले के लौर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। ग्राम खैरा में गुरुवार को घर के भीतर खेल रही 6 वर्षीय मासूम बच्ची की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से न सिर्फ परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कीर्ति साकेत (उम्र 6 वर्ष), पिता निलेश साकेत, गुरुवार दोपहर अपने घर के अंदर रोज़ की तरह खेल रही थी। इसी दौरान घर में कहीं छिपे एक जहरीले सांप ने अचानक बच्ची को डस लिया। मासूम की तेज चीख सुनते ही परिजन घबरा गए और मौके पर पहुंचे, जहां कीर्ति तड़पती हुई हालत में थी।

परिजन बिना समय गंवाए बच्ची को तत्काल मऊगंज सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत उपचार शुरू किया और एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन भी लगाया गया। हालांकि, तब तक जहर शरीर में तेजी से फैल चुका था। लगातार बिगड़ती हालत के बीच डॉक्टरों ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन इलाज के दौरान ही मासूम ने दम तोड़ दिया।

बच्ची की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। मां-बाप का करुण क्रंदन सुन वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। सूचना मिलने पर लौर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में सर्पदंश की घटनाओं को रोकने और समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

बड़े सपने देखिए, साहस के साथ सोचिए और युवा राजदूतों के रूप में भारत की आत्मा को गर्व से आगे बढ़ाइए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ओमान की राजधानी मस्कट में आयोजित एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम में भारतीय प्रवासी समुदाय और विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, निडर होकर सोचें और विश्व मंच पर भारत की संस्कृति, मूल्यों और सामर्थ्य के सशक्त प्रतिनिधि बनें।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय भारत की सॉफ्ट पावर का महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रवासी भारतीय अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों के माध्यम से न केवल ओमान बल्कि पूरे विश्व में भारत की सकारात्मक छवि को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग का सेतु बन चुका है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के सदस्यों और विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने छात्रों को नवाचार, आत्मनिर्भरता और वैश्विक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और वही विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगा।

ओमान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री और भारतीय समुदाय के बीच हुए ये भावुक और प्रेरणादायक क्षण सभी के लिए गर्व का विषय बने। यह कार्यक्रम भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच गहरे और अटूट संबंधों को और सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।

“आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन” में जनजातीय अंचलों के चिकित्सकों का सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित “आरोग्य सेवा संकल्प सम्मेलन” में जनजातीय अंचलों में निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे चिकित्सकों को आरोग्य किट प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों के सेवा भाव, समर्पण और जनकल्याण के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत रीढ़ हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे चिकित्सक पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सेवा भावी चिकित्सकों के साथ सदैव खड़ी है और जनजातीय अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस सम्मेलन में प्रदेश के 20 जिलों के 88 जनजातीय विकासखंडों में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों के साथ-साथ एलोपैथी, आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी पद्धतियों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय और जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम ने चिकित्सकों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया तथा जनजातीय समाज के प्रति सेवा संकल्प को और मजबूत किया।

सीधी–सिंगरौली की बैगा जनजाति के हित में अहम पहल, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने जनजातीय कार्य मंत्री से की भेंट

नई दिल्ली। सीधी–सिंगरौली अंचल की बैगा जनजाति के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए माननीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा जी ने आज संसद भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री आदरणीय श्री जुएल ओराम जी से शिष्टाचार भेंट कर सार्थक चर्चा की।

इस दौरान सांसद डॉ. मिश्रा ने सीधी एवं सिंगरौली जिलों में निवासरत बैगा जनजाति की वास्तविक स्थिति, उनकी पारंपरिक जीवनशैली, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों से मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने आग्रह किया कि इन जिलों की बैगा जनजाति को बैगा विकास प्राधिकरण में सम्मिलित किया जाए, ताकि उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का समुचित और लक्षित लाभ मिल सके।

डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि बैगा जनजाति प्रदेश की विशेष संरक्षित जनजातियों में शामिल है और उनके सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध एवं संस्थागत सहयोग अत्यंत आवश्यक है। बैगा विकास प्राधिकरण में शामिल होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।

केंद्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम जी ने सांसद द्वारा रखे गए विषय को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि इस प्रस्ताव पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

इस पहल को सीधी–सिंगरौली क्षेत्र की बैगा जनजाति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार और अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

उपमुख्यमंत्री से देवसर बायपास निर्माण की मांग, घनश्याम पाठक ने रखी जनहित की बात

सिंगरौली। देवसर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर होती यातायात समस्या को लेकर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता घनश्याम पाठक ने भोपाल में मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से शिष्टाचार भेंट कर देवसर बायपास निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देवसर बाजार क्षेत्र से होकर भारी वाहनों का आवागमन आम नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

घनश्याम पाठक ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हाल ही में देवसर बाजार में हुई एक दुखद दुर्घटना ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण न केवल यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है, बल्कि पैदल चलने वाले, स्कूली बच्चे और दोपहिया वाहन चालक भी लगातार जोखिम में रहते हैं। उन्होंने कहा कि देवसर में बायपास का निर्माण वर्षों से लंबित एक आवश्यक जनहित का विषय है, जिस पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।

Oplus_131072

उन्होंने स्पष्ट किया कि बायपास बनने से भारी वाहनों को नगर क्षेत्र से बाहर वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे बाजार क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

इस पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे देवसर बायपास की आवश्यकता को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखेंगे तथा व्यक्तिगत स्तर पर भी इस दिशा में आवश्यक पहल करेंगे।

उपमुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद देवसर क्षेत्र के नागरिकों में यह उम्मीद जगी है कि शीघ्र ही बायपास निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

एनसीएल गोरबी क्षेत्र में भर्तियों पर फिर उठे सवाल, आउटसोर्सिंग कंपनी पर नियमों की अनदेखी के आरोप

एनसीएल गोरबी क्षेत्र में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी अजंता राधा में की जा रही भर्तियों को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जा रही है। आरोपों के अनुसार एनसीएल गोरबी के महाप्रबंधक समीर कुंदु और अजंता राधा कंपनी से जुड़े सतीश रेड्डी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों में प्रभावित एवं स्थानीय परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात कही गई थी, लेकिन इसके विपरीत सीधी, रीवा और बिहार के बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है। इससे विस्थापित और स्थानीय युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि कंपनी में कई नियुक्तियां बिना आवश्यक तकनीकी योग्यता और अनुभव के की गई हैं। जानकारी के अनुसार अशोक मंडल, जिन्हें सीएमपीएल चड्डा जयंत से जुड़ा बताया जा रहा है, तथा एक बिहार निवासी व्यक्ति को नियमों को दरकिनार करते हुए सुपरवाइजर पद पर रखा गया है।

इसी तरह अरविंद सिंह (निवासी रीवा) को रामकृपाल के माध्यम से सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किए जाने की चर्चा है। वहीं मोहम्मद मुख्तलिब, निवासी झींगुरदा (जिला सीधी) को भी रामकृपाल के जरिए पीसी ऑपरेटर पद पर भर्ती किए जाने का आरोप लगाया गया है।

स्थानीय ग्रामीणों और विस्थापितों का कहना है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता से परे है और इसमें बड़े स्तर पर अनियमितता की आशंका है। उन्होंने मांग की है कि कंपनी द्वारा की गई सभी भर्तियों की सूची सार्वजनिक की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कलेक्टर के निर्देशों का पालन नहीं किया गया और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।