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छात्र लोकतंत्र की बहाली अब अनिवार्य- शिवांशु द्विवेदी कार्यकर्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

मध्य प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वर्ष 2017 के बाद से छात्र संघ चुनाव नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। यह स्थिति केवल प्रशासनिक उदासीनता नहीं, बल्कि छात्र लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के हनन का प्रतीक है। छात्र संघ चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं, जहाँ से भविष्य के नेतृत्व का निर्माण होता है।

छात्र संघों के माध्यम से ही छात्र अपनी समस्याएँ संगठित रूप में प्रशासन तक पहुँचाते हैं। फीस वृद्धि, परीक्षा प्रणाली की कमियाँ, छात्रवृत्ति में देरी, शैक्षणिक संसाधनों की कमी, हॉस्टल और पुस्तकालय से जुड़ी दिक्कतें जैसे मुद्दों पर छात्र प्रतिनिधि निर्णायक भूमिका निभाते हैं। चुनाव न होने से छात्रों की आवाज़ कमजोर पड़ जाती है और संवाद की प्रक्रिया बाधित होती है।

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आज प्रदेश का छात्र समाज वर्षों से प्रतिनिधित्वविहीन है। युवा शक्ति को उनके ही परिसरों में लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखना चिंताजनक है। छात्र संघ चुनाव नेतृत्व, अनुशासन और उत्तरदायित्व के संस्कार विकसित करते हैं।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव संभव हैं। अब समय आ गया है कि सरकार छात्र संघ चुनाव की घोषणा करे। छात्र लोकतंत्र की बहाली छात्र हित और लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है।

प्रेम का भरोसा टूटा, युवती ने जीवन से तोड़ा नाताशादी से इनकार बना आत्मघाती कदम की वजह

रीवा। जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत अमलकी गांव से एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्रेम संबंध में लंबे समय तक शादी का भरोसा दिए जाने के बाद अचानक इनकार किए जाने से आहत एक युवती ने आत्मघाती कदम उठाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना कल दोपहर करीब 1 बजे की है। बताया जा रहा है कि युवती पिछले तीन वर्षों से एक युवक के साथ प्रेम संबंध में थी। इस दौरान युवक लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, जिससे युवती अपने भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थी। दोनों के बीच नियमित रूप से मोबाइल पर बातचीत होती थी और रिश्ते को लेकर गंभीरता बनी हुई थी।

हालांकि, जब युवती ने हाल के दिनों में शादी को लेकर स्पष्ट बातचीत की, तो युवक ने अचानक शादी से साफ इनकार कर दिया। इस अप्रत्याशित फैसले से युवती गहरे मानसिक तनाव में आ गई। परिजनों के अनुसार, युवती ने दो दिन पहले अपने पिता को पूरी स्थिति से अवगत कराया था और वह अत्यंत परेशान थी। टूटे भरोसे और मानसिक दबाव के चलते उसने यह दुखद कदम उठा लिया।

घटना की सूचना मिलते ही चोरहटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतका के परिजनों ने युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने लंबे समय तक शादी का झांसा देकर युवती को भावनात्मक रूप से जोड़े रखा और अंत समय में मुकर गया।

बताया जा रहा है कि आरोपी युवक संदीप कोल, गुड़ थाना क्षेत्र के हरदी गांव का निवासी है, जबकि मृतका अमलकी गांव की रहने वाली थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कॉल डिटेल, बातचीत और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

लोकसभा में ‘वीबी–जी राम जी विधेयक, 2025’ पर सीधी सांसद का प्रभावी पक्ष

नई दिल्ली। लोकसभा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुत ‘विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी विधेयक, 2025’ पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर सीधी लोकसभा क्षेत्र के सांसद माननीय डॉ. राजेश मिश्रा जी ने विधेयक के समर्थन में एक सशक्त और तथ्यपरक वक्तव्य रखा, जिसे सदन में सराहा गया।

डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक ग्रामीण भारत के लिए रोज़गार सृजन, आजीविका सुरक्षा और कौशल उन्नयन का मजबूत आधार तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि मिशन के माध्यम से ग्राम स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप काम, उद्यमिता को बढ़ावा और टिकाऊ आय के अवसर सृजित होंगे, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रस्तावित प्रावधान ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, लघु कृषकों और श्रमिकों के लिए सम्मानजनक रोज़गार सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।

सांसद ने कहा कि यह विधेयक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को ज़मीनी स्तर पर उतारने का रोडमैप प्रस्तुत करता है। डिजिटल निगरानी, पारदर्शी लाभ वितरण और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी जैसे प्रावधानों से कार्यकुशलता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही, कौशल प्रशिक्षण और बाज़ार से जोड़ने की रणनीति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

अपने वक्तव्य के अंत में डॉ. राजेश मिश्रा ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी और ग्रामीण विकास मंत्री माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मिशन ग्रामीण भारत के सामाजिक–आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा और समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करेगा।

सदन में हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि वीबी–जी राम जी विधेयक, 2025 ग्रामीण रोज़गार और आजीविका के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है।

देवसर बाजार अतिक्रमण मुक्त, प्रशासनिक कार्रवाई से आमजन को मिली बड़ी राहत

जियावन (सिंगरौली)।
जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत देवसर बाजार में आज प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बाजार क्षेत्र में व्यापारियों द्वारा सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को प्रशासन की मौजूदगी में हटाया गया।

इस अभियान के दौरान तहसीलदार श्री उमेश द्विवेदी एवं जियावन थाना प्रभारी के साथ थाने का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों की निगरानी में बाजार क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों से राहत मिली।

कार्रवाई के बाद देवसर बाजार में यातायात व्यवस्था सामान्य होती दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को असुविधा होती थी। अब सड़कें खुलने से बाजार में सुचारू आवाजाही संभव हो सकी है।

इस प्रशासनिक पहल का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया जरूरी कदम बताया। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की सख्ती बरती जाएगी, ताकि दोबारा अतिक्रमण की स्थिति न बने।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में कोई व्यक्ति दोबारा अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नगर निगम सिंगरौली की लापरवाही या खुली छूट? बीच सड़क पर लगी रेत-गिट्टी से राहगीर परेशान

सिंगरौली शहर में बीच सड़क पर लंबे समय से पड़ी रेत-गिट्टी ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। नगर निगम की देखरेख में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के बाद सामग्री को समय पर हटाया नहीं गया, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा अवरुद्ध हो गया है। नतीजतन पैदल चलने वालों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह-शाम सबसे अधिक भीड़ के समय यहां फिसलन और धूल के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर रेत-गिट्टी के ढेरों के कारण वाहन एक-दूसरे से सटकर निकलने को मजबूर हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है।

व्यापारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। उनका कहना है कि यदि सामग्री अस्थायी रूप से रखी भी गई थी, तो सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग और समयबद्ध हटाने की व्यवस्था होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा न होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।

नियमों के अनुसार सार्वजनिक सड़कों पर निर्माण सामग्री रखने से पहले अनुमति, संकेतक और तय समयसीमा आवश्यक होती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इन मानकों की अनदेखी नागरिक सुरक्षा से समझौता है। अब सवाल यह है कि क्या यह महज लापरवाही है या जिम्मेदारों को खुली छूट मिली हुई है। जनता मांग कर रही है कि सामग्री तुरंत हटाई जाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।

सिंगरौली दुर्घटना में मृत रामदास शाह के परिजनों को मिली ₹4 लाख की सहायता राशि

सिंगरौली ग्रामीण की तहसीलदार जान्हवी शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में मृत रामदास शाह के निकटतम वारिश को जिला प्रशासन की ओर से कुल ₹4 लाख की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि 14 अगस्त 2025 को ग्राम खुटार में सड़क दुर्घटना के दौरान रामदास शाह पिता तिलकधारी शाह, उम्र 63 वर्ष, निवासी ग्राम सखौहा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय बैढ़न लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।

मृतक के निकटतम वारिश उनकी पत्नी अंजनी देवी शाह को जिला प्रशासन की ओर से रेड क्रॉस के माध्यम से प्रथम चरण में ₹25,000 एवं द्वितीय चरण में ₹75,000 की नकद सहायता राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त विधायक सिंगरौली एवं विधायक देवसर द्वारा पृथक-पृथक ₹25,000-₹25,000 की सहायता राशि दी गई। इस प्रकार प्रारंभिक रूप से कुल ₹1,50,000 की सहायता राशि प्रदान की गई।

इसके बाद मृतक की पुत्री सुनिता शाह द्वारा कलेक्टर के समक्ष पुनः आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर कलेक्टर द्वारा ₹1,00,000 की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। वहीं 15 दिसंबर 2025 को पुनः ₹1,50,000 की सहायता राशि प्रदान की गई।

इस प्रकार मृतक रामदास शाह की पत्नी अंजनी देवी शाह को कुल ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।

मऊगंज में पीएम आवास योजना पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, पंचायत सचिव का वीडियो वायरल

मऊगंज जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। नईगढ़ी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डिहिया में पदस्थ पंचायत सचिव पर योजना का लाभ दिलाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीण अंचल में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो सोमवार का बताया जा रहा है, जिसमें पंचायत सचिव चित्रसेन साहू कथित रूप से हितग्राहियों से पैसों की मांग करते हुए सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यदि निर्धारित राशि नहीं दी गई, तो प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम नहीं जोड़ा जाएगा और जनपद स्तर पर फाइल निरस्त कर दी जाएगी। वीडियो में प्रयुक्त भाषा को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा लंबे समय से पीएम आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं में भी इसी तरह की कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। जिन हितग्राहियों ने पैसे देने से इनकार किया, उनके नाम सूची से हटा दिए गए या प्रक्रिया में जानबूझकर अड़चनें डाली गईं, जबकि राशि देने वालों को प्राथमिकता दी गई। इससे कई वास्तविक पात्र लाभार्थी योजना से वंचित रह गए।

वीडियो सामने आने के बाद ग्राम पंचायत डिहिया और आसपास के गांवों में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल इस मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि संबंधित अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और आरोप सही पाए जाने पर पंचायत सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हाईकोर्ट की सख्ती से सगरा थाने पर संकट, थाना प्रभारी पर लगे आरोपों की जांच तेज

रीवा जिले का सगरा थाना एक बार फिर विवादों में आ गया है। थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा पर लगे गंभीर आरोप अब न्यायिक जांच के दायरे में पहुंच गए हैं। उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से जवाब तलब किया है। साथ ही संबंधित तिथियों की थाने की सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग में हलचल देखी जा रही है।

मामला सगरा थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़ियारी निवासी राजेश शुक्ला से जुड़ा है, जिनका अपने चाचा से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। बताया गया है कि विवादित भूमि पर न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश थे। इसके बावजूद राजेश शुक्ला द्वारा बोई गई धान की फसल कथित तौर पर कटवा ली गई, जिसमें स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं।

राजेश शुक्ला का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इस शिकायत के बाद थाना स्तर पर दबाव बनाया गया।

परिवार का यह भी आरोप है कि शिकायत वापस न लेने पर उनके बेटे सौरभ शुक्ला और बहू गुड्डी शुक्ला को थाने लाया गया, मोबाइल फोन जब्त किए गए और शिकायत बंद करा दी गई। सौरभ शुक्ला, जो विधि का छात्र बताया गया है, को लॉकअप में बंद रखने तथा उनकी पत्नी को बिना आरोप देर रात तक थाने में बैठाए रखने के आरोप भी याचिका में लगाए गए हैं।

इन सभी आरोपों को लेकर राजेश शुक्ला, उनकी पत्नी और बेटे ने उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की है, जिसमें संविधान के मूल अधिकारों के उल्लंघन, पुलिसिया दबाव और पद के दुरुपयोग की बात कही गई है।

हाईकोर्ट ने डीजीपी मध्यप्रदेश, आईजी रीवा जोन और पुलिस अधीक्षक रीवा से विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही सगरा थाने की सीसीटीवी फुटेज तलब की गई है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों पर निर्भर करेगी।

मऊगंज में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन: गिरीश गौतम बोले— कार्यकर्ता उपेक्षित हुए तो संगठन नहीं बचेगा

मऊगंज।
मऊगंज स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में मंगलवार को संगठनात्मक ऊर्जा से भरपूर विशाल कार्यकर्ता बैठक एवं जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं देवतालाब विधायक गिरीश गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर संगठन को और अधिक मजबूत करना तथा उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गिरीश गौतम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उन्होंने कहा कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और उनके परिश्रम, अनुशासन व निष्ठा के बिना भाजपा की कल्पना भी संभव नहीं है।

गिरीश गौतम ने स्वीकार किया कि हाल के समय में कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं की समस्याओं और अपेक्षाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जो संगठन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलेगा, उनकी बात नहीं सुनी जाएगी और उन्हें हाशिये पर रखा जाएगा, तो संगठन कमजोर हो जाएगा।

इसी भावना के तहत मऊगंज में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने व्यक्तिगत, प्रशासनिक एवं विकास से जुड़ी समस्याएं रखीं। गिरीश गौतम ने सभी मामलों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों व अधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। कई मामलों में उन्होंने मौके पर ही आवश्यक निर्देश भी दिए।

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इस अवसर पर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना भाजपा का संकल्प है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार और जनता के बीच सेतु बनकर कार्य करने का आह्वान किया।

सीधी में अभियान ‘प्रहार 2.0’ के तहत कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 200 शीशी नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी गिरफ्तार

सीधी।
पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन श्री गौरव राजपूत द्वारा चलाए जा रहे अभियान “प्रहार 2.0” के तहत सीधी पुलिस को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप के अवैध भंडारण और बिक्री के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक कन्हैया सिंह बघेल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में ग्राम हिनौता से आरोपी जागीर खान पिता मोहम्मद असगर (उम्र 21 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के घर के पीछे रखी बोरी से ओहमेरेक्स-टी कफ सिरप की 200 शीशी (प्रत्येक 100 एमएल) बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹60,000 बताई गई है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी अवैध रूप से कोडिन फास्फेट युक्त कफ सिरप संग्रहित कर बिक्री कर रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। बरामद नशीली सिरप को विधिवत जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जिला जेल सीधी भेज दिया गया।

पुलिस द्वारा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी यह नशीली कफ सिरप कहां से लाया था और इसके आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक कन्हैया सिंह बघेल सहित उप निरीक्षक राजमणि अहिरवार, उनि. पुष्पेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक तिलक राज सिंह सेंगर, महिला प्रधान आरक्षक ममता पाठक एवं आरक्षक बालेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।