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लोजपा(आर) का जोरदार प्रदर्शन, 28 में से 22 सीटों पर बढ़त दर्ज

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के साथ ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शुरुआती रुझानों में लोजपा(रामविलास) ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पार्टी द्वारा उतारे गए 28 उम्मीदवारों में से 22 प्रत्याशी आगे चल रहे हैं, जो संगठन के लिए बेहद उत्साहजनक नतीजे माने जा रहे हैं।

यह बढ़त एक बार फिर 2024 के लोकसभा चुनाव की याद दिलाती है, जहाँ LJP(R) ने छह में से सभी छह सीटों पर जीत हासिल कर शत-प्रतिशत सफलता दर्ज की थी। इस बार विधानसभा चुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन मजबूत संकेत दे रहा है कि अगर रुझान कायम रहे, तो लोजपा(आर) लगभग 75% सीटों पर सफलता पा सकती है।

यह स्थिति इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को महज एक सीट पर जीत मिली थी। उस चुनाव में पार्टी ने 135 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, पर जीत सीमित रही और वोट प्रतिशत लगभग 5.68% दर्ज किया गया था।

इधर राज्यभर में काउंटिंग जारी है, जहाँ एनडीए गठबंधन 189 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि महागठबंधन 50 सीटों पर आगे है। इन सबके बीच लोजपा(आर) का प्रदर्शन एनडीए की मजबूती को और बढ़ाता हुआ दिखाई देता है।

एग्जिट पोल के बाद चर्चा में आए प्रशांत किशोर, क्या अब राजनीति से लेंगे संन्यास?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से पहले ही जनसुराज आंदोलन के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) राजनीतिक सुर्खियों में हैं। जैसे ही वोटिंग समाप्त हुई और विभिन्न चैनलों व सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल सामने आए, सोशल मीडिया पर यह सवाल जोर पकड़ने लगा कि क्या प्रशांत किशोर अब राजनीति से संन्यास ले लेंगे?

लगभग सभी एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि महागठबंधन और जनसुराज पार्टी पीछे दिखाई दे रही हैं। कई सर्वे रिपोर्ट्स में जनसुराज को 0 से 5 सीटों तक सीमित बताया गया है।

दरअसल, प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि जेडीयू 25 से अधिक सीटें जीतती है, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उनका बयान था — “अगर जेडीयू को 25 से ज्यादा सीटें आती हैं, तो रिजल्ट के बाद मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” अब जब एग्जिट पोल में जेडीयू को 50 से 70 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है, तो उनका यह पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो गया है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रशांत किशोर को उनके वादे की याद दिलाई है। एक यूजर ने लिखा — “अब वक्त आ गया है, प्रशांत किशोर को अपना वादा निभाना चाहिए।” वहीं एक अन्य ने लिखा — “पीके ने खुद कहा था 25 से ज्यादा सीट आई तो राजनीति छोड़ देंगे, अब देखना है वे क्या करते हैं।”

इन नतीजों के बीच जनसुराज पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही यह पार्टी अपेक्षित जनसमर्थन जुटाने में असफल रही दिख रही है। अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब नतीजे घोषित होंगे और यह स्पष्ट होगा कि प्रशांत किशोर अपने ऐलान पर टिके रहते हैं या नहीं।

सांसद खेल महोत्सव 2025 की तैयारियाँ चरम पर, डॉ. अनूप मिश्रा ने किया छत्रसाल स्टेडियम का निरीक्षण

जिले के प्रतिष्ठित छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित होने जा रहे सांसद खेल महोत्सव 2025 की तैयारियाँ पूरे उत्साह और जोश के साथ जारी हैं। यह भव्य आयोजन 17 नवंबर 2025 से शुरू होगा, जिसमें जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में खिलाड़ी भाग लेंगे। महोत्सव के माध्यम से न केवल खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि युवाओं में ऊर्जा, अनुशासन और टीम भावना का भी प्रसार होगा।

आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. अनूप मिश्रा ने स्थल का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं — मैदान की सजावट, सुरक्षा इंतज़ाम, खिलाड़ियों के आवास, भोजन और पंजीयन प्रक्रिया — की समीक्षा की और अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि “खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। सांसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करते हैं।”

निरीक्षण के दौरान उनके साथ डॉ. मनोज सिंह परिहार, आनंद परियानी, विशाल वाधवानी, कौशलेंद्र सिंह और चंदन मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की तैयारियों पर चर्चा की और यह सुनिश्चित किया कि प्रतिभागियों को उत्कृष्ट सुविधाएँ मिलें। टीम ने संयुक्त रूप से यह भी निर्णय लिया कि आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो, बैडमिंटन और अन्य खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। विजेताओं को सम्मानित कर उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

आयोजकों ने जिले के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं, खेल प्रेमियों और शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे इस अवसर पर बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें।
सांसद खेल महोत्सव 2025 न केवल खेलों का मंच होगा, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को भी प्रबल करेगा।

सीधी में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में विकास एवं जनकल्याण को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न

सीधी स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आज सांसद डॉ. राजेश मिश्रा जी की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा एवं दिशा-निर्देश बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समग्र विकास, जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अधोसंरचना निर्माण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान तथा आगामी कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

सांसद डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करें, ताकि प्रत्येक योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुँच सके। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और जनसहभागिता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं कृषि जैसे जनजीवन से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों से ही सीधी जिले को विकास के नए आयाम पर ले जाया जा सकता है।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारीगण, एवं दिसा समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का समापन क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ किया गया।

सीधी जिला अस्पताल में हंगामा — विधायक रीती पाठक के तेवरों से गरमाया माहौल, सवाल उठे: क्या यह क्षेत्र के विकास के लिए था या राजनीतिक प्रदर्शन?

सीधी। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कल सीधी जिला अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया, जिसमें कई कमियां उजागर हुईं। मरीजों की सुविधाओं से लेकर अस्पताल की स्वच्छता तक, सब कुछ अव्यवस्थित नजर आया। लेकिन इस पूरे निरीक्षण का सबसे चर्चित पहलू रहा — विधायक रीती पाठक और डॉक्टरों के बीच हुआ विवाद

स्वास्थ्य मंत्री के आने से पहले ही विधायक रीती पाठक अस्पताल पहुंचीं और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर उनकी बात नहीं सुनते, फोन नहीं उठाते और मरीजों की समस्याओं की अनदेखी करते हैं। यह बात इतनी बढ़ी कि अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

हालांकि अब सवाल यह उठने लगे हैं कि — क्या रीती पाठक वास्तव में क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारना चाहती हैं, या यह सब उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाने की कोशिश थी? स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर विधायक सचमुच जनता की तकलीफों को लेकर इतनी गंभीर होतीं, तो वे पहले भी कई बार इस मुद्दे को उठा सकती थीं, क्योंकि अस्पताल की बदहाली कोई नई बात नहीं है।

कई लोगों का मानना है कि उनका यह रुख अचानक उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में इसलिए दिखा, ताकि वे अपनी सक्रिय छवि प्रस्तुत कर सकें। वहीं कुछ समर्थक इसे जनता के हक के लिए उनकी सच्ची पहल मान रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि यह घटना राजनीतिक प्रदर्शन थी या वास्तव में सुधार की दिशा में पहला कदम — क्योंकि जनता अब परिणाम चाहती है, सिर्फ बयान नहीं।

चंद्रेह आयुर्वेदिक औषधालय में लापरवाही का ताला, ग्रामीणों को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं

सीधी। जिले के चंद्रेह स्थित शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। मीडिया टीम जब बुधवार को औषधालय पहुंची, तो दोपहर 12 बजे तक ताला बंद मिला, जबकि सरकारी समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है। इस लापरवाही से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।

सूत्रों के अनुसार, औषधालय में पदस्थ राजेश कोरी (कंपाउंडर), शीतला प्रसाद मिश्रा (दवा साज) और सुशीला साकेत (सफाईकर्मी) में से कोई भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। ग्रामीण मनसुख लाल रजक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजेश कोरी खुद को डॉक्टर बताकर आते हैं और औषधालय खोलते ही शराब पीने चले जाते हैं। शिकायत करने पर वे ग्रामीणों को धमकाते हैं।

एक अन्य ग्रामीण विकास सिंह ने बताया कि औषधालय के खुलने-बंद होने का कोई निश्चित समय नहीं है। मरीजों को अक्सर दवा नहीं मिलने का बहाना बना दिया जाता है कि “ऊपर से दवा नहीं आई है।”

ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। पूर्व में भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों की मांग है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर योग्य स्टाफ की नियुक्ति की जाए ताकि लोगों को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

मुख्य आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एन. प्रजापति ने बताया कि “मामला संज्ञान में लिया गया है, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

सेमरिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 22 किलो अवैध गांजा जब्त, आरोपी गिरफ्तार

सीधी जिले की सेमरिया पुलिस ने नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार करते हुए एक व्यक्ति को अवैध गांजा की खेती करते हुए गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी उप निरीक्षक केदार परौहा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 22 किलो 120 ग्राम हरे गांजे के पौधे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1.54 लाख बताई गई है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव और एसडीओपी चुरहट आशुतोष द्विवेदी के निर्देशन में अंजाम दी गई।

पुलिस को 15 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम मधुबनिया निवासी इंद्र बहादुर तिवारी (50 वर्ष) अपने घर की बाड़ी में अवैध गांजे की खेती कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

मामले में पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जिला जेल सीधी भेज दिया गया।

कार्रवाई में एएसआई भूपेंद्र बागरी, आरक्षक मनीष शुक्ला, अमित तिवारी और विनीत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम को प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की है।

एसपी संतोष कोरी ने कहा कि जिले में नशामुक्त समाज की दिशा में विशेष अभियान जारी है और मादक पदार्थों से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या लोकप्रियता से मिलता है सत्ता का दरवाज़ा? अलीनगर से मैथिली ठाकुर को भाजपा का टिकट, शुरू हुई नई राजनीतिक बहस

अलीनगर विधानसभा सीट पर इस बार भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा दांव खेला है। लोकगायिका मैथिली ठाकुर, जो अपनी मधुर आवाज़ और लोकसंगीत के जरिए घर-घर तक पहुंच चुकी हैं, अब राजनीति के मैदान में कदम रखने जा रही हैं। भाजपा ने हाल ही में उन्हें पार्टी का टिकट सौंपा है। लेकिन इस फैसले के साथ ही कई सवाल उठने लगे हैं — क्या केवल प्रसिद्धि राजनीति में सफलता की गारंटी बन सकती है?

सूत्रों के मुताबिक, मैथिली ठाकुर ने कुछ ही दिन पहले भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। पार्टी ने बिना देर किए उन्हें अलीनगर से उम्मीदवार घोषित कर दिया। यह फैसला भाजपा की नई रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वह प्रभावशाली और लोकप्रिय चेहरों को आगे कर जनता से सीधा जुड़ाव बनाने की कोशिश कर रही है।

हालांकि, विपक्षी दल और कुछ राजनीतिक जानकार इस कदम पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि राजनीति केवल मंच या शोहरत का खेल नहीं है — इसमें अनुभव, जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ की जरूरत होती है। ऐसे में क्या एक कलाकार, जिसने अभी-अभी राजनीति में कदम रखा है, वास्तव में जनता की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगा?

दूसरी ओर, भाजपा समर्थकों का मानना है कि मैथिली ठाकुर जैसी संस्कारी और लोकप्रिय युवती का राजनीति में आना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। वे राजनीति को एक नई संवेदनशील दिशा दे सकती हैं।

फिलहाल, पूरा प्रदेश यह देखने के लिए उत्सुक है कि क्या मैथिली ठाकुर अपनी लोकप्रियता को जनसमर्थन में बदल पाएंगी या यह प्रयोग भी उन कई राजनीतिक प्रयोगों की तरह अधूरा रह जाएगा।

अलीनगर की जनता अब तय करेगी — क्या सुरों की साधना राजनीति की साधना में बदल सकती है?

सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र में शराब ठेकेदार पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों में दहशत का माहौल

सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र में बीती देर रात शराब दुकान संचालक और उसके सहयोगियों द्वारा एक ग्रामीण को धमकाने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब ग्रामीण ने शराब दुकान पर चल रही अनियमितताओं पर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर कथित रूप से ठेकेदार पक्ष ने उसे जान से मारने की धमकी दी।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि देर रात ठेकेदार से जुड़े कुछ लोगों ने गांव पहुंचकर प्रभावित व्यक्ति को डराने-धमकाने का प्रयास किया। आरोप है कि उन्होंने कहा कि “अगर हमारे काम में दखल दोगे तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।” इस कथित घटना से ग्रामीणों में भय और नाराजगी दोनों व्याप्त है।

हालांकि, इस पूरे मामले की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने की सूचना है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस मामले की गहराई से जांच करे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम रहे।

समाजसेवा की प्रतीक हीराकली पाठक का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

Sihawal:- भौरों गांव की लाडली और कनपुरा क्षेत्र की गौरवशाली बेटी हीराकली पाठक का निधन क्षेत्र के लिए गहरी क्षति है। अपने विनम्र स्वभाव, दृढ़ सोच और सेवा भाव से उन्होंने समाज में एक अलग पहचान बनाई थी। वे सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक की धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय पाठक (बबलू भैया) की आदरणीया माता थीं।

हीराकली पाठक ने अपने जीवन में हमेशा लोकसेवा को प्राथमिकता दी। जियावन ग्राम पंचायत की सरपंच रहते हुए उन्होंने ग्राम विकास, शिक्षा और जनकल्याण के अनेक कार्य किए। उनका जीवन सादगी, अनुशासन और दूसरों के प्रति करुणा का प्रतीक था

उनके निधन के पश्चात अंतिम यात्रा में विधायक विश्वामित्र पाठक जी ने सिर मुंडवाकर सफेद वस्त्र धारण किए और लोटा लेकर मातृदेवी की अर्थी के पीछे चल पड़े। इस भावुक दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। हजारों की संख्या में क्षेत्रवासियों ने नम आंखों से अपनी “माँ समान” हस्ती को अंतिम विदाई दी।

हीराकली पाठक का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा।